VPN कैसे काम करता है?
VPN आपके डिवाइस और एक सर्वर के बीच एन्क्रिप्टेड टनल बनाता है और आपका ट्रैफ़िक उसमें भेजता है। डेटा टनल के भीतर चलता है, इसलिए रास्ते में न पढ़ा जा सकता है न आप तक ट्रेस किया जा सकता है। यहाँ स्पष्ट रूप से समझें कि वास्तव में क्या होता है।
चरण 1 — एन्क्रिप्टेड टनल
कनेक्ट होने पर डिवाइस और VPN सर्वर गुप्त कुंजियों पर सहमत होते हैं। उसके बाद डिवाइस से निकलने वाला सब कुछ नेटवर्क तक पहुँचने से पहले AES-256 से एन्क्रिप्ट होता है और केवल सर्वर पर डिक्रिप्ट होता है। बीच वाले के लिए यह अर्थहीन शोर है।
चरण 2 — सर्वर के ज़रिए रूटिंग
आपका एन्क्रिप्टेड ट्रैफ़िक VPN सर्वर पर पहुँचता है, जो उसे डिक्रिप्ट कर गंतव्य तक भेजता है। उत्तर सर्वर पर लौटते हैं, एन्क्रिप्ट होते हैं और टनल से आप तक वापस आते हैं।
चरण 3 — IP छिपाना
चूँकि आपका ट्रैफ़िक VPN सर्वर से निकलता है, साइटों को आपके बजाय सर्वर का IP दिखता है। इससे आपकी पहचान और अनुमानित स्थान छिप जाते हैं।
प्रोटोकॉल
प्रोटोकॉल टनल का नियम है। VPNTYPE सभी का समर्थन करता है:
- WireGuard — आधुनिक, बहुत तेज़ और हल्का; डिफ़ॉल्ट विकल्प
- OpenVPN — परखा हुआ और अत्यधिक संगत
- Shadowsocks, VLESS, VMESS, V2RAY, XRAY — ऑब्फ़स्केटेड, प्रतिबंधित नेटवर्क के लिए
Frequently asked questions
सबसे सुरक्षित प्रोटोकॉल कौन-सा?
WireGuard और OpenVPN दोनों मज़बूत हैं; अधिकांश के लिए WireGuard तेज़ और हल्का है।
क्या AES-256 सुरक्षित है?
हाँ — यह दुनिया भर की सरकारों और बैंकों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एन्क्रिप्शन मानक है।
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